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सोमवार, अक्टूबर 31

ऐ चाँद जरा सुन ले तू इधर तेरी याद मुझे सताती है..

ऐ चाँद जरा उन ले तू इधर तेरी याद मुझे सताती है .

रहता हूँ तेरे बिन यार मेरे यह बात बहोत  तड़पती है.

तुझ सा
है नही इस जहा में कोई क्यों पास नही तू आता है.

एक तेरे बिना है हॉल बुरा हर बात का है एहसास बुरा

आ जा ओ सनम तू साथ मेरे मैं और नही सह पता हूँ.

अब और नही रह पाता हूँ

ऐ चाँद जरा सुन ले तू इधर तेरी याद मुझे सताती है..

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