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बुधवार, नवंबर 2

सोचा था तुझ संग बिताउंगी जिन्दगी

सोचा था तुझ संग बिताउंगी जिन्दगी
कुछ पल तेरे संग जी जाऊंगी ओह जिन्दगी.
हजारो सपने टूट गए एक पल में
किसे अपनी कहानी बिताउंगी जिन्दगी.
अच्छा किया तूने जो तोड़ दिए रिस्ते
वादा रहा
अब कभी न तेरे बिन मुस्कुराउंगी जिन्दगी...

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