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शनिवार, अक्टूबर 29
मैं आईने की तरह खुद को...
मैं आईने की तरह उनका साथ निभाता चला गया
वो न जाने किस वजह से मुझे आजमाता चला गया ..
सिकवा नही है उस से वो प्यार है हमारा यारो
मैं तो वो हूँ जो उस के लिए खुद भूलता चला गया....?
..चित्र प्रभार गूगल..
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