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शनिवार, अक्टूबर 29
रूठा है वो इस कदर जैसे रूठी हो मेरी किस्मत टुटा मैं इस कदर जैसे छुटी हो मेरी जन्नत... हाले-ए-दिल सुनाऊ तो किस कदर सुनाऊ यारो हो गया हूँ अपनी दुनिया में अकेला इस कदर दिल धड़क रहा हो साँसे टूट गई हो जैसे..
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